अधिकारियों को सतर्क किया था, लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की

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बलिया: प्रदेश में बलिया जिले के दुर्जनपुर में गुरुवार को अफसरों के सामने ग्रामीण की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी धीरेंद्र सिंह को पुलिस तीसरे दिन भी नहीं पकड़ पाई है। अब पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। इस बीच आरोपी धीरेंद्र का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें उसने खुद को बेकसूर बताते हुए पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। धीरेंद्र ने कहा- अधिकारियों को पत्र देकर कहा था कि बिना सुरक्षा के बैठक करना ठीक नहीं है। अधिकारियों ने प्रधान से पैसा लेकर बैठक कराई।
आरोपी ने हिंसा के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया
आरोपी धीरेंद्र ने हिंसा के लिए प्रशासन को दोषी ठहराया। उसने कहा, “मुझे नहीं पता कि किसने गोली चलाई। मैं अपने परिवार को बचाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहा था। वे वहीं खड़े रहे और देखते रहे। मैं एक सैनिक हूं। मैंने हमेशा अपने देश की सेवा करने में विश्वास किया है। मैं मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की अपील करता हूं।”
“मैंने बैठक के लिए पर्याप्त सुरक्षाबल की अपील की थी। इसकी अनदेखी के लिए स्थानीय अधिकारी और पुलिस दोषी है। मेरे बुजुर्ग पिता हंगामे में गिर गए। मेरे परिवार को लाठियों से पीटा गया। मुझे वीडियो में पिटते हुए देखा गया। मैं एक राजपूत हूं। मैंने गर्व से 18 साल तक सेना की सेवा की। मैं खुद को मुक्त करने और भागने में कामयाब रहा। वे मुझे वहां पीट-पीटकर मारना चाहते थे।”
“बैठक के लिए बहुत सारे शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। मैंने पहले ही उन्हें आगाह कर दिया था कि हिंसा होने वाली है। लेकिन वे बैठक करते रहे। अधिकारी हिंसा में शामिल थे। उन्होंने पैसे ले लिए।”
विधायक सुरेंद्र सिंह ने किया आरोपी का बचाव
घटना सामने आने के बाद भाजपा विधायक ने आरोपी का बचाव किया था। उनका तर्क था कि आरोपी ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे ग्रामीण की मौत हो गई। अगर आत्मरक्षा में गोली नहीं चलाता तो उसके परिवार के दर्जनों लोग मारे जाते। दूसरे पक्ष के कई लोग बुरी तरह घायल हैं तो उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए।
विधायक ने आगे कहा कि घटना की निंदा की जानी चाहिए, लेकिन न्याय पक्ष को भी सामने रखना चाहिए। जिसने भी गलती की है, उसे सजा मिलनी चाहिए। अगर गोली किसी ने मारी है तो उसे भी सजा मिले, लेकिन जिन लोगों ने लाठी-डंडों से मारकर 6-6 लोगों को घायल किया है उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। मेरी प्रशासन से यही अपील है।
विधायक बोले- क्षत्रिय समाज के लिए राजनीति भी छोड़ सकता हूं
विधायक ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह अखिलेश यादवों की राजनीति करते हैं उसी तरह यदि जरूरत पड़ी तो क्षत्रिय समाज की रक्षा के लिए राजनीति भी छोड़ सकता हूं। वे यादवों के संरक्षक हैं तो मैं भी एक क्षत्रिय पालक हूं।
उधर, आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुभाष चंद दुबे ने 6 नामजद आरोपियों पर भी 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। सभी आरोपियों पर गैंगस्टर और NSA के तहत भी कार्रवाई होगी।
पूरा मामला क्या है?
उत्तर प्रदेश के बलिया में 15 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों और एसडीएम के सामने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना दुर्जनपुर के बैरिया गांव में हुई। यहां सरकारी राशन की दो दुकानों का विवाद सुलझाने के लिए सीओ चंद्रकेश सिंह, बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह और एसडीएम सुरेश पाल पहुंचे थे। विवाद धीरेंद्र सिंह और जयप्रकाश उर्फ गामा पाल के बीच था। आरोप है कि धीरेंद्र ने जयप्रकाश के सीने में 4 गोलियां मार दीं और फरार हो गया। धीरेंद्र भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी बताया जा रहा है।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
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