ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखें-गर्दन हो रही टेढ़ी

0
27
3 बड़े अस्पतालों में आए 45 से ज्यादा बच्चों में दिखे लक्षण; 4 एक्सपर्ट्स से जानिए पैरेंट्स कैसे बरतें सतर्कता
अगर आपका बच्चा बिस्तर पर लेटकर मोबाइल देखता है या ऑनलाइन क्लास करता है तो सावधान होने की जरुरतत है। मोबाइल और कंप्यूटर पर ऑनलाइन क्लास करने, गेम खेलने और वीडियो देखने का साइड इफेक्ट बच्चों पर दिखना शुरू हो गया है। सबसे बड़ी चिंता वाली बात यह है कि बच्चों की नजर और गर्दन टेढ़ी हो रही है। आंख भी तिरछी होने के साथ खराब हो रही है। लखनऊ के बड़े चिकित्सा संस्थान और अस्पतालों में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। लोहिया संस्थान, सिविल अस्पताल व बलरामपुर अस्पताल में एक महीने में ऐसे 45 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑनलाइन क्लास से कुछ ही दिक्कतें सामने आ रही हैं। ऐसा इसलिए है कि क्लास के दौरान बच्चा स्क्रीन के बहुत नजदीक नहीं होता है, बैठने की पोजीशन का भी ध्यान रखता है। बच्चों के देर तक मोबाइल पर गेम खेलने व वीडियो देखने से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ज्यादातर बच्चे क्लास करने के बाद मोबाइल पर व्यस्त हो जाते हैं। उन्हें इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की लत लग चुकी है। इससे दिक्कतें बढ़ रही हैं।
आइए जानें कि साइड इफेक्ट्स क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है?
बढ़ रहा चश्मे का नंबर
लखनऊ के सिविल अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. पीके दुबे कहते हैं कि एक माह में करीब 18 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। ज्यादातर बच्चों की आंखों में जलन, खुजली, चश्मे का नंबर बढ़ने, आंखों व गर्दन में दर्द होने के साथ नजर टेढ़ी होने व गर्दन में खिंचाव की शिकायतें ज्यादा हैं।
बलरामपुर अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. संजीव गुप्ता ने बताया कि दिक्कत ऑनलाइन क्लास करने से नहीं है। मगर जब इसके बहाने बच्चे मोबाइल लेकर गेम खेलने जैसे काम करते हैं और अपना अधिकतर समय मोबाइल स्क्रीन पर बिताते हैं तो यह समस्या होती है। बलरामपुर में पिछले चार हफ्ते में करीब एक दर्जन से ज्यादा मामले आ चुके हैं।
स्क्रीन के सामने ज्यादा वक्त बिताने पर ऐसा हो रहा
लखनऊ के राजाजीपुरम स्थिति रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. केपी सिंह के मुताबिक, अभी तक करीब आठ-दस बच्चे ओपीडी में इलाज को आ चुके हैं। पूछताछ में बच्चों और उनके अभिभावकों ने बताया कि बच्चे मोबाइल पर गेम खेलने या वीडियो देखने में ज्यादा समय बिता रहे हैं। कई बार बच्चे स्क्रीन की लाइट को कम या ज्यादा कर लेते हैं और स्क्रीन के काफी नजदीक हो जाते हैं। ऐसे में उनके गर्दन में खिंचाव होने लगता है। नियमित ऐसा करने वाले बच्चों की गर्दन टेढ़ी हो रही है। वहीं जो बच्चे लेटकर या तिरछे होकर मोबाइल देख रहे हैं, उनकी नजर भी टेढ़ी हो रही है।
संकेत मिलने के बाद सजग होने की जरुरत
लोकबंधु के मेडिकल अधीक्षक डाॅ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना काल मे जीवन शैली में आएं बदलाव का नतीजा यह बीमारियां हैं। बच्चों को इन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ऑनलाइन क्लास के दौरान पैरेंट्स को सतर्कता बरतनी होगी। अस्पताल में ऐसे मामले आएं दिन आ रहे है जो संकेत देते है कि हालात बिगड़ रहे हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
  • बच्चों को ऑनलाइन क्लास के लिए मोबाइल की जगह टैबलेट या लैपटॉप मुहैया कराएं।
  • ऑनलाइन क्लास के बहाने मोबाइल पर गेम न खेलने दें।
  • बच्चों को लेटकर या तिरछे होकर मोबाइल स्क्रीन पर अधिक समय न गुजारने दें।
  • स्क्रीन की लाइट कम या अधिक करके अथवा अंधेरे कमरे में मोबाइल नहीं देखने दें।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here