कमरे में अग्नि जलाकर सात फेरे लेना शादी नहीं : पंजाब एवं हरियाणा HC

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यंग भारत ब्यूरो
हरियाणा: के पंचकुला (Panchkula) के रहने वाले एक प्रेमी-जोड़े (lovers couple) ने दावा किया है कि वह एक होटल के कमरे में बर्तन में जलाई गई आग के चारों ओर ‘सात फेरे’ लेकर शादी के पवित्र बंधन में बंध गए. हालांकि इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab And Haryana High Court) ने होटल के एक कमरे में बर्तन में आग जलाकर सात फेरे लेकर विवाद करने की दलील देने वाले जोड़े के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है. हाई कोर्ट ने इस विवाह मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने दंपति पर यह कहते हुए 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया कि यह “वैध विवाह समारोह नहीं था.
दरअसल, हाई कोर्ट ने बताया कि शादी करने वाली महिला की उम्र 20 साल है जबकि लड़के की उम्र 19 साल 5 महीने है. दोनों ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर बीते 26 सितंबर को शादी रचाई थी. इसको लेकर परिवार के खिलाफ जाकर शादी करने के बाद उनको खतरा महसूस होने लगा था ऐसे में वो खुद की सुरक्षा और स्वतंत्रता की मांग को लेकर हाई कोर्ट पहुंचे थे.
प्रेमी जोड़े के पास नहीं है शादी करने का कोई सबूत
गौरतलब है कि हाई कोर्ट पहुंचने वाले प्रेमी-जोड़े ने बीते 26 सितंबर को घर से भागकर शादी की है लेकिन दोनों के बाद कोर्ट के सामने अपनी शादी को साबित करने के लिए न ही कोई सर्टिफिकेट है और न ही इस कार्यक्रम से जुड़ी कोई तस्वीर है. कोर्ट के सामने जोड़े की ओर से जो जानकारी रखी गई उसके मुताबिक वह होटल के एक कमरे में रुके थे और लड़के ने लड़की की मांग में सिंदूर भरा था. उन्होंने होटल के ही कमरे में एक बर्तन में आग जलाकर सात फेरे लेने से पहले एक दूसरे को माला पहनाई थी. उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई भी मंत्र नहीं पढ़े गए.
हाई कोर्ट ने प्रेमी जोड़े पर लगाया 25000 रुपए का जुर्माना
बता दें कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए हाई कोर्ट ने जोड़ों की दलील सुनने के बाद इस बात पर गौर किया है कि लड़के की उम्र शादी के लिए मान्य नहीं है. इसके साथ ही दोनों अपनी बातों से कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश कर हैं. जिसके बाद हाई कोर्ट की बेंच ने याचिकार्ताओं पर 25000 रुपए का जुर्माना लगाया है. जिसका भुगतान उन्हें हाई कोर्ट कानूनी सेवा समिति को करना होगा. हालांकि कोर्ट ने पंचकुला पुलिस को इस जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. क्योंकि उन्होंने अपने जीवन और स्वतंत्रता को खतरा होने की बात कही थी.
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126

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