प्रीति हत्याकांड का खुलासा, 4 साल बाद गिरफ्त में जीजा:वृंदावन में बना साधु, आगरा की युवती को भी दिया झांसा, पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम

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एसटीएफ मेरठ ने 50 हजार के इनामी दीपक चौधरी को शनिवार शाम मथुरा के वृंदावन से गिरफ्तार किया है। दीपक चौधरी पर 50 हजार का इनाम था। 4 साल से पुलिस व एसटीएफ आरोपी की तलाश कर रही थी। दीपक ने पूछताछ के दौरान एसटीएफ को बताया कि उसका साली प्रति चौधरी से अवैध संबंध था। कई बार पत्नी ने विरोध किया। बावजूद वह साली प्रति के साथ रहने लगा। 2017 में प्रति ने साथ रहने से मना कर दिया। जिसे लेकर दोनों में विवाद हो गया और उसने चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
यह है पूरा मामला
एसटीएफ मेरठ के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया की 30 दिसंबर 2017 को मेरठ के पल्लवपुरम में प्रीति चौधरी (35 साल) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। मामले में प्रीति के जीजा दीपक चौधरी पुत्र ओमप्रकाश निवासी क्ववीसलैंड कॉलोनी थाना पल्लवपुरम पर मुकदमा दर्ज हुआ था। तभी से हत्यारोपी दीपक फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
दीपक ने एसटीएफ को यह भी बताया कि वह फरारी के दौरान मथुरा के वृंदावन में रहा और अन्य साधुओं के साथ कथा करता था। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने हत्यारोपी दीपक को शनिवार शाम वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया।
साली प्रीति से थे अवैध संबंध
एडिशनल एसपी बृजेश सिंह ने बताया की पूछताछ में पता चला है की दीपक की शादी 2003 में शामली निवासी मंजु से हुई थी। शादी के दो साल बाद मंजु ने एक बेटी को जन्म दिया। जहां मंजु की छोटी बहन प्रीति चौधरी भी अपनी बहन के घर मेरठ पल्लवपुरम आई थी। इस दौरान दीपक चौधरी के अपनी साली से अवैध संबंध हो गए। एक साल बाद दीपक अपनी पत्नी को बिना बताए साली के पंजाब के लुधियाना चला गया।
पत्नी और साली में बनी सहमति
2012 में पत्नी और साली को एक एक बेटा हुआ। जिसके बाद 2017 में दीपक की पत्नी मंजु और साली प्रीति में यह सहमति हुई की दोनों दीपक के साथ रहेंगी, लेकिन वे अलग-अलग मकान में रहेंगी। जिसके बाद दीपक की पत्नी मंजु मोदीनगर जिला गाजियाबाद में रहने लगी। जबकि प्रीति चौधरी मेरठ के क्ववींसलैंड कॉलोनी में रहने लगी। बाद में प्रीति और दीपक में विवाद होने लगा।
चाकू से गोदकर की थी हत्या
30 दिसंबर 2017 की रात को दीपक चौधरी मेरठ के पल्लवपुरम साली के घर गया तो वह घर पर नहीं मिली। जिसके बाद दीपक को साली पर शक हुआ। आधी रात को प्रीति चौधरी घर आई, जिसके बाद दोनों में कहासूनी होने लगी और गुस्से में आकर दीपक ने प्रीति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
आगरा की कीर्ति को झांसे में लेकर की शादी
एसटीएफ ने बताया की मेरठ से फरार होने के बाद दीपक चौधरी प्रयागराज पहुंचा और एक वकील को पूरा मामला बताया। वकील ने सरेंडर करने का सुझाव दिया और जमानत के लिए 20 लाख रुपये खर्चा होने की बात कही। जिसके बाद दीपक मथुरा पहुंचा और एक साधु के साथ यमुना किनारे रहने लगा।
फोन पर करता था परिवार वालों से बात
चढ़ावे में मिले 30 हजार रुपए के साथ आगरा के व्यापारी के साथ काम शुरू कर दिया। व्यापारी ने धोखा दिया तो दीपक ने उसी ऑफिस में रिशेप्शन पर बैठने वाली कीर्ति से शादी कर ली। 2019 में कीर्ति ने भी एक बेटे को जन्म दिया। आरोपी दीपक ने अपने पिछले जीवन के बारे में कीर्ति को कुछ नहीं बताया। हत्यारोपी दीपक प्रेस का फर्जी कार्ड बनवाकर आगरा व मथुरा में घूमता था। वह हरिद्वार व दूसरे स्थान पर जाकर परिवार वालों से फोन पर बात करता था।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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