मटन सूप कर गया खेल, वरना पत्नी की प्लानिंग थी परफेक्ट, मां के हाथों ही खुला बेटे की मौत का राज! पढ़िए खौफनाक वारदात

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यंग भारत ब्यूरो
एक बीवी जब अपने पति से छुटकारा पाकर, प्रेमी के साथ रहने की सोची, तो उसके सामने उसका पति तो था ही, साथ ही उसके ससुराल वाले भी थे। इन सबके बीच पत्नी ने ऐसी चाल चली कि किसी को भनक तक नहीं लग पाया कि जिसे वो अपना बेटा मान रहे हैं, वो तो कोई और है।
यह खौफनाक वारदात है तेलंगाना की। एक नर्स के शातिर दिमाग ने ऐसा प्लान बनाया, जिसमें पुलिस, मां, भाई और डॉक्टर भी उलझ कर रह गए। मुम्बई मिरर के अनुसार नर्स स्वाति ने पति सुधाकर को रास्ते से हटाने और प्रेमी के साथ रहने के लिए एक प्लान बनाया। इसके लिए उसने साउथ की एक फिल्म येवाडू को जरिया बनाया।
प्लान के अनुसार स्वाति ने एक दिन पति के सोने के बाद, उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। जब पति बेहोश हो गया तो प्रेमी राजेश के साथ मिलकर उसने पति का काम तमाम कर दिया। जब सुधाकर की मौत हो गई तो पत्नी ने उसके चेहरे को कुचल दिया और प्रेमी के साथ जंगल में ले जाकर उसके शव को जला दी। यानि जिस पति के साथ उसने साथ फेरे लिए थे, उसी को अब वो मार चुकी थी।
पति को रास्ते से हटाने के बाद अब नर्स ने अपने प्लान का दूसरा भाग शुरू कर दिया। प्रेमी राजेश का चेहरा उसने एसिड से जला दिया। नर्स थी, साथ ही वो पूरी रिसर्च कर चुकी थी। उसने राजेश का चेहरा उतना ही जलाया, जितने में उसका काम हो जाए। जले हुए चेहरे के साथ प्रेमी को लेकर वो अस्पताल पहुंची। डॉक्टर और पुलिस दोनों को बताई कि कुछ लोगों ने उसके पति की पिटाई की और एसिड फेंक कर भाग गए। मतलब जिस पति को वो मार चुकी थी, उसी के नाम पर अपने प्रेमी को अस्पताल में भर्ती करा दी।
बेटे पर एसिड हमले की बात सुनकर घरवाले भागते हुए अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने कहा कि चेहरा चल गया है, प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी। स्वाति और उसके ससुरालवाले तैयार हो गए। प्लास्टिक सर्जरी की भी शुरूआत हो गई। अब राजेश चलने फिरने लगा था। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन फिर आया वो दिन जब ये राज सबके सामने आ गया।
स्वाति पूरी कोशिश कर रही थी, कि घरवाले उससे दूर रहें, लेकिन मां की ममता होती ही ऐसी है। मां ने अपने बेटे के लिए एक दिन मटन का सूप बनाई, मटन का सूप उनके बेटे को काफी पसंद था। जब मां सूप लेकर पहुंची तो बेटे ने पीने से इनकार कर दिया। मां को आश्चर्य हुआ। जिस बेटे को मटन सूप सबसे अच्छा लगता था, उसने उसे छुआ तक नहीं।
मां ने ये घटना अपने छोटे बेटे को बताई। घरवालों को शक तो पहले से था, लेकिन स्वाति के कारण वो लोग ये शंका जाहिर नहीं कर पा रहे थे। सुधाकर जिस हावभाव का था, वो इस शख्स से कहीं मेल ही नहीं हो रहा था। अपनी शंका लिए स्वाति का देवर पुलिस के पास जा पहुंचा। उसने पुलिस को सारी कहानी कह सुनाई।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126

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