लखनऊ में प्लॉट और मकान खरीदने वाले हो जाएं सावधान, जानें कैसे हो रही आपके साथ धोखाधड़ी

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लखनऊ।  यदि आप राजधानी लखनऊ में प्लॉट लेने या अपना आशियाना खरीदना चाह रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। किसी भी तरह की जल्दबाजी से आप ठगी के शिकार हो सकते हैं। एक ही प्लॉट और मकान फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर जालसाज एक से अधिक लोगों को बेच रहे हैं। कब्जा लेने जाने पर ठग फरार हो जा रहे हैं। वहीं खरीददार अपनी गाढ़ी कमाई डूबने के बाद इधर-उधर थानों और दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर हो रहे हैं। इसलिए कोई भी मकान, दुकान या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी अच्छी तरह पड़ताल कर लें, अन्यथा आपकी भी रकम डूब सकती है। लखनऊ में रोजाना इस तरह के फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। कई ताजा मामलों में लखनऊ पुलिस ने एफआइआर भी दर्ज की है।
सचिवालय कालोनी में रहने वाले देवराज ने वर्ष 2015 में गुड़ंबा में 26 हजार वर्ग फीट जमीन कीढ़ा से 13 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराई थी। आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपित ने जाली कागज के जरिए वही जमीन किसी और को बेच दी। पीड़ित ने शिकायत की तो आरोपित अभद्रता करने लगा। देवराज ने गुडंबा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, सरोजनीनगर निवासी नन्ही देवी ने मकान बेचने के लिए बेटे के दोस्त सूर्यसेन से बात की थी। सूर्य सेन ने मकान बिकवाने के लिए अपने बहनोई मनीष यादव से नन्ही देवी की मुलाकात कराई। इसके बाद दोनों ने मंजू सिंह को 25 लाख और राजेंद्र कुमार सिंह को 51 लाख रुपये में दो मकान बिकवा दिए। हालांकि नन्ही को सिर्फ 20 लाख रुपये ही मिले। आरोपित ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया। कई बार रकम मांगने पर आरोपित टालमटोल करने लगे। परेशान होकर नन्ही देवी ने कृष्णानगर कोतवाली में आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इसी तरह मूलरूप से गोंडा निवासी हनुमान दास ने मसायर ग्रुप में काम करने वाले जैनुद्दीन अंसारी पर 60 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। जैनुद्दीन ने प्लाट दिलाने के नाम पर हनुमान दास से रुपये लिए थे। पीड़ित ने गोमतीनगर थाने में एफआइआर दर्ज कराई है। इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक के बाद एक लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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