भारत आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर चुका-न्यायाधीश

0
22
उरई (जालौन)। भारत आजादी के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शिक्षा एवं तकनीक तथा अन्य सभी क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति कर ली है, किन्तु आज भी भारतीय समाज में विधि के सामान्य ज्ञान का अभाव देखने को मिलता है। ऐसे में विधिक जागरूकता की बहुत आवश्यकता है, ताकि सामान्यजन दैनिक जीवन से जुड़े सामान्य कानूनों को जान व समझ सके। इसके लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं इसके अधीनस्थ कार्यरत तहसील विधिक सेवा समितियों द्वारा आम-जनमानस के मध्य, द्वार-द्वार पहुंच कर विधिक सेवाओं, सुविधाओं तथा कानून की सामान्य जानकारी देने का सतत् अभियान चलाया जा रहा है। उक्त विचार जनपद न्यायाधीश तरूण सक्सेना द्वारा तहसील सभागार कालपी में ‘‘आजादी के अमृत महोत्सव‘‘ के अन्तर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में गत दिवस आयोजित विधिक साक्षरता/जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये उपस्थित अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को सम्बोधित करते हुये व्यक्त किये गये। जनपद न्यायाधीश श्री सक्सेना ने बताया कि जनपद जालौन के सभी 09 विकास खण्ड क्षेत्र में 50-50 टीमों का गठन किया जा रहा है, जो नगर-नगर और गांव-गांव भ्रमण करते हुये घर-घर जाकर जिले की सम्पूर्ण आबादी को विधिक रूप से साक्षर करने का लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती रेनू यादव द्वारा इस सम्बन्ध में बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्देशित ‘‘आजादी के अमृत महोत्सव‘‘ के अधीन प्लान आॅफ एक्शन के अन्तर्गत पूरे जनपद में सभी स्थानों पर विधिक जागरूकता अभियान प्रतिदिन चलाया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत जो टीमें तहसील एवं विकास खण्ड स्तर पर बनायी गयी हैं, उसमें पराविधिक स्वयं सेवक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहुयें, समाजसेवी और छात्र-छात्रायें शामिल हंै। ये आपस में छोटे-छोटे समूह बनाकर दिन प्रतिदन प्रातः काल से ही अपने अभियान पर निकल पड़ते हैं और नगर-नगर व गांव-गांव भ्रमण कर सभी वादकारियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की हेल्पलाइन नंम्बर 15100 तथा गूगल प्ले स्टोर से नालसा मोबाइल एप डाउनलोड करके विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं तथा स्वयं भी विधिक सहायता दे रहे हैं। इसी क्रम में अध्यक्ष तहसील बार संघ कालपी ग्यादीन अहिरवार, कोषाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीवास्तव ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये। स्थायी लोक अदालत के सदस्य रामबाबू केवट द्वारा स्थायी लोकअदालत की अधिकारिता, इसके उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। पूर्व पैनल अधिवक्ता रामकुमार तिवारी ने बताया कि विधिक साक्षरता अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में निश्चित रूप से बहुत लाभ होगा। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कर्मक्षेत्र अवस्थी ने उ.प्र जनहित गारन्टी अधिनियम और वरिष्ठ नागरिक कल्याण एवं भरण-पोषण अधिनियम के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। शिविर में उपस्थित आगन्तुकों का स्वागत अपर सिविल जज (जू.डि.) सुभाष द्वारा किया गया वहीं सिविल जज (जू.डि.) कालपी सुश्री रागिनी मिश्रा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लिपिक अश्विनी कुमार मिश्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रधान कुटुम्ब न्यायाधीश अमित पाल सिंह, विशेष न्यायाधीश एसएसी/एसटी एक्ट प्रकाश तिवारी, प्रभारी सीजेएम सुश्री ऋचा अवस्थी, सिविल जज (जूडि) सुश्री वर्णिका शुक्ला, शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्री लखन लाल निरंजन, तहसीलदार/सचिव तहसील विधिक सेवा समिति कालपी श्री बलराम गुप्ता, न्यायालय लिपिक अखिलेश यादव, डीईओ दीपक नरायण, पीएलवी इरफान मंसूरी, अरविन्द कुमार पाण्डेय, जितेन्द्र कुमार पाण्डेय, गजेन्द्र कुमार, बृजेश सिंह, देवेन्द्र आजाद, योगेन्द्र तखेले एवं विद्वान अधिवक्ता उपस्थित रहें।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here