48.34 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को करना पड़ सकता है घर से काम

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अमर भारती : कोरोना वायरस संकट को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों को भविष्य में अलग-अलग कामकाजी घंटों में काम करना पड़ सकता है और कर्मचारियों की उपस्थिति भी कम रह सकती है। इसके चलते कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद केंद्रीय कर्मियों के लिए ‘घर से काम’ करने के संबंध में एक मसौदे की रूपरेखा तैयार की है। इसमें कहा गया है

कि विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों को नीतिगत रूप से एक साल में 15 दिन के लिए घर से काम करने का विकल्प मुहैया करा सकता है। केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या करीब 48.34 लाख है। सभी केंद्रीय विभागों को भेजी गई विज्ञप्ति में डीओपीटी ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कई मंत्रालयों के लिए घर से काम करना अनिवार्य कर दिया है। कई मंत्रालय/विभागों ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

और ई-कार्यालय सुविधाओं का लाभ उठाकर लॉकडाउन के दौरान कोरोना महामारी से निपटने में बेहतरीन नतीजे दिए और सफलतापूर्वक कामकाज किया। यह केंद्र सरकार में अपनी तरह का पहला अनुभव था। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी संभावना है कि निकट भविष्य में केंद्रीय सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहे

और कार्य स्थल पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए उन्हें अलग-अलग कामकाजी घंटों में काम करना पड़े। ऐसे में लॉकडाउन खत्म होने के बाद और घर पर ही सरकारी फाइलों और सूचनाओं को हासिल करते हुए सूचना की सुरक्षा सुनिश्चित कर घर से काम करने के लिए एक व्यापक खाका महत्वपूर्ण है। इसी अनुरूप सरकार के कामकाज के सुचारु संचालन के लिए कर्मचारियों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रियाएं तय की गई हैं।