बस पर फ्री सेवा का पोस्टर,अंदर वसूले जा रहें हैं पैसे

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अमर भारती : भारत में अचानक लॉकड़ाउन की घोषणा के बाद 12 करोड़ के आस-पास मजदूर कई राज्यों में फसे हुए हैं। सरकार की तरफ से कोई आस्वासन ना मिलने के कारण मजदूर पैदल ही चल कर अपने घरों का रास्ता तय कर रहें हैं। इसी मजबूरी का फायदा उठा कर कई लोग इन गरीब मजदूरों को लूट भी रहें हैं। कुछ इसी तरह का मामला नोयडा सेक्टर 2 से सामने आया है। नोयडा पुलिस ने शुक्रवार को लॉकडाउन का उल्लंखन करते हुए अवैध रुप से बसों में फ्री सेवा के नाम पर बिहार राज्य के लिए सवारी भर कर 2 बसें ले जाने का प्रयास कर रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर दोनों बसों को जब्त कर लिया है।

दरअसल, भंगेल दादरी सूरजपुर रोड पर 2 प्राइवेट बसें (HR38Z1101, HR38Z1105) खड़ी दिखीं, जिनके सामने ‘बिहार सरकार द्वारा दिल्ली यूपी गौतमबुद्धनगर से बिहार फ्री मजदूरो की सेवा’ के बैनर लगे थे। इन बसों मे कुछ लोग बैठने के लिये चढ रहे थे और कुछ नीचे खड़े थे। दोनो बसों की खिड़कियों पर खड़े व्यक्ति आवाज़ लगा रहे थे कि ‘बिहार के लिये फ्री सेवा है, जल्दी बैठो।’ इस सम्बन्ध में पुलिस ने अन्दर बैठे कुछ लोगों से जब जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि यह लोग प्रत्येक व्यक्ति से 3,000 रुपये किराया वसूल रहे हैं।
आवाज़ लगाने वाले दोनों व्यक्ति बसों के ड्राइवर वकील खाँ व राशिद थे। इन दोनों से बसों को ले जाने के सम्बन्ध मे अनुमति दिखाने को कहा गया तो एक अन्य व्यक्ति ने अपने मोबाइल मे जिलाधिकारी सिवान, बिहार के द्वारा जारी पास की कापी डिस्पले पर दिखाई।

जैसे ही इस व्यक्ति से इसकी मूल प्रति दिखाने को कहा गया तो मूल प्रति बस के अन्दर से लाने की बात कहकर खिसक गया और अपना मोबाइल फोन भी छोड़ गया। इस विषय में दोनों ड्राइवरों से जानकारी की गई तो बताया कि यह बस मालिक थे, जिन्हें हम मोनू नाम से जानते हैं।
डिस्पले पर दिखाए गए पास के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर ज्ञात हुआ की जिलाधिकारी सिवान के द्वारा ऐसा कोई वाहन पास जारी नही किया गया था। शुक्रवार रात करीब 1.30 बजे कर्फ्यू व लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए लोगों से फ्री सेवा के नाम पर अनुचित लाभ पाने के लिये कूटरचित बैनर तैयार कर अवैध कार्य किया जा रहा था। अभियुक्तो के खिलाफ धारा 420/468/188/269/270/271 के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई।